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- बारीकियों में पेंच छुपा होता है
- बारीकियों में ही असली कामयाबी छिपी होती है
- बाल सफ़ेद हैं पर दिल जवान है
- बाहर वाला खेल ज़्यादा साफ़ देखता है
- बाँटी गई खुशी दोगुनी हो जाती है
- बिन मांगे राय मत दो
- बिना आग के धुआँ नहीं उठता
- बिना आग धुआँ नहीं उठता
- बिना उद्देश्य के समय बरबाद हो जाता है
- बिना खून-पसीना बहाए क्रांति नहीं होती
- बिना पूँजी के व्यापार नहीं चलता
- बिना बलि के यज्ञ नहीं होता
- बिना बात के धुआँ नहीं उठता
- बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता
- बिना साधन के काम नहीं चलता
- बिना सोचे-समझे काम में कूद पड़ना
- बिल्ली घर से गई, चूहे मौज उड़ाएँ
- बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता
- बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध ले
- बुरा पैसा बार‑बार लौटकर आता है
- बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो
- बुरा वक्त नहीं, बुरी तैयारी होती है
- बुरा संग बुराई ही सिखाता है
- बुरा हमेशा लौटकर आता है
- बुरी खबर जल्दी फैलती है
- बूढ़ापा बचपन का दूसरा रूप है
- बूढ़ा बच्चा हो जाता है
- बूढ़ा बुढ़ापा और बच्चा बचपना नहीं छोड़ता
- बूढ़ा शेर पिंजरे में ही अच्छा
- बूढ़े पेड़ की डाल नहीं मुड़ती
- बूंद-बूंद से घड़ा भरता है
- बूंद-बूंद से सागर भरता है
- बूंद‑बूंद से सागर भरता है
- बूँद बूँद से घड़ा भरता है
- बूँद–बूँद से घड़ा भरता है
- बूँद बूँद से पत्थर भी घिस जाता है
- बूँद बूँद से सागर भरता है
- बूँद-बूँद से सागर भरता है
- बूँद से भरता है घड़ा
- बेकार का रोना रोने से क्या फायदा
- बोलने से पहले सौ बार सोचो
- बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद
- बँटी हुई दुख आधा रह जाता है
- भगवान उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करता है
- भगवान की लीला न्यारी है
- भगवान के घर देर है अंधेर नहीं
- भलाई की शुरुआत घर से होती है
- भले न बनो, पर संभलकर चलो
- भागते भूत की लंगोटी सही
- भाग्य भी बहादुरों का साथ देता है